भारतीय सर्राफा बाजार में आज चांदी ने जबरदस्त तेजी दिखाते हुए ₹12,300 की बड़ी बढ़त दर्ज की है। इस अचानक उछाल ने निवेशकों और व्यापारियों के बीच हलचल मचा दी है।
हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव के बाद चांदी की यह दमदार वापसी कई संकेत दे रही है। सवाल यह है—क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या बाजार में फिर से करेक्शन देखने को मिलेगा
चांदी में आई इस बड़ी तेजी के संभावित कारण
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार का सपोर्ट – चांदी की कीमतें वैश्विक कमोडिटी बाजार से सीधे जुड़ी होती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में तेजी आती है, तो उसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिलता है। डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक हालात भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी – चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, ऑटोमोबाइल और मेडिकल उपकरणों में बड़े पैमाने पर होता है। औद्योगिक मांग में वृद्धि कीमतों को ऊपर ले जा सकती है।
3. सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव – जब बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश करते हैं। सोने के साथ-साथ चांदी भी एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखी जाती है, जिससे मांग सकती है।
4. रुपये की चाल – यदि रुपया कमजोर होता है, तो आयातित चांदी महंगी हो जाती है, जिससे घरेलू कीमतों में तेजी आती है।
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क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी
चांदी ₹12,300 की बड़ी बढ़त के बाद अब निवेशकों की नजर अगले ट्रेंड पर टिकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती बनी रहती है, तो चांदी में और तेजी संभव है। हालांकि, इतनी बड़ी छलांग के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। तकनीकी संकेतक बताते हैं कि यदि कीमतें प्रमुख सपोर्ट स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो तेजी का ट्रेंड जारी रह सकता है।
शॉर्ट-टर्म, मिड-टर्म और लॉन्ग-टर्म अनुमान
शॉर्ट-टर्म ट्रेंड – कम समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ट्रेडर्स को वॉल्यूम और तकनीकी स्तरों पर नजर रखनी चाहिए।
मिड-टर्म आउटलुक – यदि औद्योगिक मांग मजबूत रहती है और वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं, तो कीमतों में स्थिर मजबूती आ सकती है।
लॉन्ग-टर्म दृष्टिकोण – दीर्घकाल में चांदी को निवेश और औद्योगिक दोनों मांग का समर्थन मिलता है। हरित ऊर्जा (Green Energy) और सोलर सेक्टर में बढ़ती मांग भविष्य में कीमतों को सहारा दे सकती है।
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निवेशकों के लिए रणनीति
अचानक तेजी में भावनात्मक निर्णय लेने से बचें। चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनाएं। पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें विश्वसनीय स्रोतों से बाजार अपडेट लेते रहें।
फाइनल अड्वाइस
चांदी में ₹12,300 की बढ़त ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। यह उछाल मजबूत मांग और सकारात्मक वैश्विक संकेतों का परिणाम हो सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, इसलिए समझदारी और रणनीति के साथ निवेश करना जरूरी है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक रुझानों और घरेलू मांग पर निर्भर करेगी।
Disclaimer | यह लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। चांदी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
